बेसरड़ा पंचायत का बाबई पंचायत समिति में विलय: ग्रामीणों में तीखा विरोध, खेतड़ी में वापसी की मांग तेज
बेसरड़ा ग्राम पंचायत को बाबई पंचायत समिति में जोड़ने के निर्णय से ग्रामीणों में आक्रोश, खेतड़ी में पुनः शामिल करने की उठी मांग
झुंझुनू, राजस्थान।
बेसरड़ा ग्राम पंचायत को खेतड़ी पंचायत समिति से हटाकर बाबई पंचायत समिति में शामिल करने के प्रशासनिक निर्णय ने ग्रामीणों में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला उनके हितों के विपरीत है, क्योंकि राजोता की दूरी जहाँ लगभग 18 किलोमीटर है, वहीं बाबई पंचायत समिति बेसरड़ा से लगभग 42 किलोमीटर दूर पड़ती है। इस दूरी के कारण ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे कामों के लिए भी दोगुनी यात्रा तय करनी पड़ेगी, जिससे समय, धन और श्रम सभी की बर्बादी होगी।
ग्रामीणों की बैठक में उभरा विरोध
इस मुद्दे को लेकर ग्राम बेसरड़ा में एक सार्वजनिक औपचारिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में शामिल प्रमुख व्यक्तियों में —
- श्री महेंद्र सिंह वकील
- थावरमल छावड़ी
- बंशी पंच
- थावर सिंह मास्टर
- विजयपाल उर्फ पप्पू
सभी ने एकमत होकर कहा कि प्रशासनिक निर्णय से ग्रामीणों को भारी असुविधा होगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्राम पंचायत बेसरड़ा को दोबारा खेतड़ी पंचायत समिति में जोड़ने के लिए ग्रामीण अब संगठित होकर संघर्ष करेंगे।
विधायक, SDM और जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा ज्ञापन
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि इस विषय में वे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन जिन प्रमुख अधिकारियों को भेजा जाएगा वे हैं—
- खेतड़ी विधानसभा के विधायक माननीय श्री धर्मपाल गुर्जर
- उपखंड अधिकारी (SDM) श्री सुनील कुमार चौहान
- जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, झुंझुनू — डॉ. अरुण गर्ग
ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रशासन से आग्रह करेंगे कि बेसरड़ा गांव के हितों को प्राथमिकता देते हुए पंचायत समिति सीमा निर्धारण पर पुनर्विचार किया जाए।
ग्रामीणों ने संघर्ष की दी चेतावनी
ग्रामवासियों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। उनका कहना है कि खेतड़ी पंचायत समिति नजदीक होने के कारण पिछले कई वर्षों से सभी सरकारी कार्य वहीं से सुचारू रूप से चलते थे। अचानक समिति परिवर्तन से सामान्य जन-जीवन प्रभावित होगा।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें
- बेसरड़ा को पुनः खेतड़ी पंचायत समिति में शामिल किया जाए
- ग्रामीणों की दूरी और सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए
- प्रशासनिक पुनर्गठन से पहले जन-सुनवाई की जाए
- ग्रामवासियों की सहमति के बिना इस प्रकार का निर्णय लागू न किया जाए
