New Labour Codes लागू: अब सिर्फ 1 साल में मिलेगी Gratuity
New Labour Codes लागू: अब सिर्फ 1 साल की सेवा पर मिलेगी ग्रेच्युटी — जानें नया नियम
नई दिल्ली, 22 नवम्बर 2025: केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को बदलकर लागू किए गए चार नए लेबर कोड्स को देशभर में लागू कर दिया है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जो करोड़ों वर्कर्स को सीधा फायदा देगा।
नए नियम खासतौर पर फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों और निजी व सरकारी क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
➡️ अब 1 साल की सेवा पर भी ग्रेच्युटी (Latest Gratuity Rules 2025)
नए लेबर कोड के तहत:
- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी को अब सिर्फ 1 साल की निरंतर सेवा पर ग्रेच्युटी मिलेगी।
- पहले ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल की सेवा अनिवार्य थी।
- यह बदलाव लाखों कॉन्ट्रैक्ट, आउटसोर्स्ड और समय-बद्ध कर्मचारियों को लाभ देगा।
यह परिवर्तन Code on Social Security, 2020 के लागू होने के बाद प्रभावी हुआ है।
➡️ वेतन (Wages) की नई परिभाषा से बढ़ सकती है ग्रेच्युटी
नए नियमों में “वेतन” (Wages) की परिभाषा भी बदल दी गई है:
- बेसिक पे + महंगाई भत्ता + रिटेनिंग अलाउंस = वेतन
- कुल CTC का कम से कम 50% ‘वेजेज’ माना जाएगा।
- इससे ग्रेच्युटी की गणना पहले से ज्यादा पारदर्शी होगी और राशि भी बढ़ सकती है।
➡️ श्रमिकों को मिलने वाले अन्य प्रमुख लाभ
नए लेबर कोड्स लागू होने से देशभर में मजदूरों व कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार प्रभावी हुए हैं:
- हर कर्मचारी के लिए न्यूनतम वेतन की गारंटी
- गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा कवर
- उद्योगों के लिए एक-राष्ट्र, एक-वेतन ढांचा
- नियोक्ताओं के लिए आसान अनुपालन (compliance) व्यवस्था
➡️ राज्य सरकारों की अधिसूचना की प्रतीक्षा भी जारी
केंद्रीय लेबर कोड लागू होने के बाद भी कई राज्य अपने-अपने नियम और प्रक्रियाएँ अधिसूचित कर रहे हैं।
कुछ राज्यों में यह नियम तुरंत लागू हो गए हैं, जबकि कुछ को अपनी प्रक्रियाएँ अपडेट करनी हैं।
इसलिए कर्मचारियों को अपनी कंपनी/संस्थान से पुष्टि करनी चाहिए कि नया ग्रेच्युटी नियम उनके यहां लागू हुआ है या नहीं।
➡️ किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी
- आउटसोर्स्ड स्टाफ
- प्राइवेट कंपनियों में कॉन्ट्रैक्ट-बेस पर काम करने वाले
- IT, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर के कर्मचारी
- स्टार्ट-अप और छोटे व्यवसायों के कर्मचारी
निष्कर्ष
भारत में लागू किए गए नए लेबर कोड्स श्रम बाजार में बड़ा बदलाव लाएंगे। 1 साल में ग्रेच्युटी का प्रावधान, वेतन की नई परिभाषा, और सामाजिक सुरक्षा के नए मानक कर्मचारियों के लिए दीर्घकालिक लाभ देने वाले साबित होंगे।
यह सुधार युवाओं, कॉन्ट्रैक्ट-वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
