6 राज्यों में 19 दिनों में 16 BLO की मौत: चुनावी ड्यूटी के दबाव पर सवाल, परिवारों में आक्रोश

19 दिनों में 6 राज्यों में 16 BLO की मौत, चुनावी ड्यूटी के बढ़ते दबाव पर उठे सवाल

चुनावी ड्यूटी के बढ़ते दबाव और BLO की मौतों को दर्शाती प्रतीकात्मक छवि बिना किसी व्यक्ति के


नई दिल्ली।
भारत के कई राज्यों में स्पेशल इलेक्ट्रोल रिविज़न (SESR) के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की लगातार हो रही मौतों ने गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। पिछले 19 दिनों में 6 राज्यों में कुल 16 BLO विभिन्न कारणों से अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें हार्ट अटैक, सड़क हादसे और आत्महत्या जैसे मामले शामिल हैं।

चुनाव संबंधी कामों के साथ लगातार बढ़ते दबाव, रात-रात भर काम और डिजिटल फॉर्म भरने की मजबूरी को कई परिवार इन मौतों की बड़ी वजह मान रहे हैं।


मध्य प्रदेश: 24 घंटे में दो BLO की मौत, एक लापता

मध्य प्रदेश से सबसे अधिक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। राज्य में बीते 24 घंटों में दो BLO की मौत और एक के लापता होने की खबर ने प्रशासन को भी बेचैन कर दिया है।

  • रायसेन जिले में BLO रमाकांत पांडे की अचानक मृत्यु
  • भोपाल में एक अन्य BLO की हार्ट अटैक से मौत
  • विदिशा में एक BLO (50) का शव घर में मिला, परिवार ने लगातार काम के तनाव को कारण बताया
  • एक BLO लापता, जिसकी तलाश जारी है

ग्रामीणों और परिवारों ने आरोप लगाया कि वोटर सूची अपडेट में डिजिटल प्रक्रिया और रात-रात जागकर डाटा अपलोड करने के कारण अधिकारी मानसिक और शारीरिक रूप से टूट रहे हैं।


गुजरात: 4 दिनों में 4 BLO की मौत

गुजरात से भी लगातार दुखद घटनाएँ सामने आई हैं।

  • बड़ौदा में सहायक BLO ऊषा बेन (50) की मौत
  • सूरत में एक BLO ने तनाव के चलते आत्महत्या की
  • अहमदाबाद में एक BLO गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिनका निधन हो गया
  • एक अन्य BLO की हार्ट अटैक से मौत

परिवारों ने भी काम के दबाव को प्रमुख कारण बताया है।


बंगाल: तीसरी आत्महत्या का मामला सामने आया

पश्चिम बंगाल में BLO हिरेन का शव घर की छत से लटका मिला।
सूत्रों के अनुसार, हिरेन लगातार तनाव में थे और वोटर सूची से जुड़ा काम समय पर पूरा न होने की वजह से मानसिक दबाव झेल रहे थे।

यह राज्य में 19 दिनों के भीतर तीसरी आत्महत्या का मामला है।


राजस्थान: दो BLO की मौत दर्ज

राजस्थान में भी दो BLO की मौत की पुष्टि हुई है।
झुंझुनू जिले में एक महिला BLO की हार्ट अटैक से मृत्यु हुई, वहीं दूसरे मामले में अधिक काम का बोझ और स्वास्थ्य समस्याओं को वजह माना जा रहा है।


क्यों बढ़ रही हैं BLO की मौतें?

परिवारों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि:

  • वोटर लिस्ट रिविजन कार्य में 24 घंटे निगरानी और डिजिटल अपलोडिंग का दबाव
  • सुबह 6 बजे से देर रात तक की ड्यूटी
  • स्मार्टफोन और ऑनलाइन फॉर्म अपडेट से गैर-तकनीकी BLO पर अतिरिक्त बोझ
  • कई BLO उम्रदराज़ हैं, जिन्हें भारी कार्यभार उठाने में कठिनाई होती है

इसी दबाव को कई परिवारों ने मौतों की बड़ी वजह बताया है।


चुनाव आयोग की रिपोर्ट: राजस्थान डिजिटल फॉर्म में सबसे आगे

चुनाव आयोग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार:

  • राजस्थान 60.54% डिजिटल फॉर्म अपडेट के साथ देश में शीर्ष पर
  • केरल मात्र 10.58% के साथ सबसे नीचे
  • गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, यूपी, बिहार समेत कई राज्य औसत प्रदर्शन कर रहे हैं


मजदूरों जैसे हालात में काम कर रहे BLO?

देशभर के कई BLO और संगठनों ने मांग उठाई है कि:

  • SESR कार्य को सरल किया जाए
  • अत्यधिक ऑनलाइन अपलोड और समय सीमा में ढील दी जाए
  • BLO की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं में सुधार हो
  • वरिष्ठ नागरिक BLO को वैकल्पिक कार्य दिया जाए


निष्कर्ष

19 दिनों में 16 BLO की मौतें चुनाव आयोग के कामकाज, सिस्टम की दिक्कतों और जमीन स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों पर बढ़ते दबाव की ओर बड़ा संकेत हैं।
यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

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