RTI Second Appeal कैसे करें? सूचना आयोग में अपील की पूरी प्रक्रिया | Hansi Times
![]() |
RTI First Appeal से समाधान न मिलने पर सूचना आयोग में Second Appeal दायर करने की पूरी प्रक्रिया |
जब RTI लगाने के बाद First Appeal से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तब आम नागरिक के पास अगला और सबसे मजबूत कानूनी विकल्प होता है – Second Appeal।
यह अपील सीधे सूचना आयोग (Information Commission) में की जाती है, जहाँ मामले की स्वतंत्र रूप से सुनवाई होती है।
इस लेख में आप जानेंगे:
-
Second Appeal क्या होती है
-
कब और क्यों करनी चाहिए
-
ऑनलाइन/ऑफलाइन पूरी प्रक्रिया
-
समय-सीमा, जरूरी दस्तावेज
-
और सुनवाई के बाद क्या परिणाम हो सकते हैं
Second Appeal क्या होती है?
Second Appeal RTI Act, 2005 के तहत वह प्रक्रिया है जिसमें:
First Appellate Authority के फैसले से असंतुष्ट होने पर
नागरिक सूचना आयोग में अपील करता है।
यह RTI कानून का अंतिम और निर्णायक चरण माना जाता है।
Second Appeal कब करनी चाहिए?
आप Second Appeal कर सकते हैं यदि:
-
First Appeal का फैसला गलत या पक्षपातपूर्ण हो
-
First Appeal में भी जानकारी न दी गई हो
-
जानबूझकर सूचना रोकी गई हो
-
गलत धाराओं का इस्तेमाल किया गया हो
-
तय समय-सीमा में कोई निर्णय न आया हो
👉 सरल शब्दों में, जब First Appeal से न्याय न मिले।
Second Appeal की समय-सीमा (Time Limit)
RTI Act के अनुसार:
-
First Appeal के निर्णय की तारीख से 90 दिन के भीतर
Second Appeal दायर की जा सकती है।
⚠️ देरी होने पर देरी का कारण (Delay Condonation) बताना जरूरी होता है।
Second Appeal कहाँ की जाती है?
Second Appeal की जाती है:
-
Central Information Commission (CIC) – केंद्र सरकार के विभागों के लिए
-
State Information Commission (SIC) – राज्य सरकार के विभागों के लिए
➡️ विभाग के अनुसार सही आयोग चुनना बहुत जरूरी है।
Second Appeal कैसे करें? (Online Process)
🔹 Step 1:
RTI Online Portal पर जाएं
🔹 Step 2:
“Submit Second Appeal” या “Appeal/Complaint” विकल्प चुनें
🔹 Step 3:
अपनी जानकारी भरें:
-
नाम
-
पता
-
मोबाइल / ईमेल
🔹 Step 4:
RTI और First Appeal से जुड़ी जानकारी दर्ज करें:
-
RTI Application Number
-
First Appeal Order की तारीख
🔹 Step 5:
अपील का कारण स्पष्ट और तथ्यात्मक रूप से लिखें
🔹 Step 6:
सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
🔹 Step 7:
Submit करें और रसीद सुरक्षित रखें
Second Appeal ऑफलाइन कैसे करें?
यदि ऑनलाइन संभव न हो, तो आप:
-
सादा कागज़ या निर्धारित फॉर्म में
-
संबंधित सूचना आयोग के पते पर
-
स्पीड पोस्ट द्वारा Second Appeal भेज सकते हैं
साथ में सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है।
Second Appeal में कौन-कौन से दस्तावेज लगते हैं?
✔ RTI आवेदन की कॉपी
✔ RTI का जवाब (यदि मिला हो)
✔ First Appeal की कॉपी
✔ First Appeal का आदेश
✔ पहचान पत्र (यदि मांगा जाए)
Second Appeal में क्या लिखना चाहिए?
Second Appeal में:
-
भावनात्मक भाषा से बचें
-
केवल तथ्य, तारीखें और कानूनी बिंदु लिखें
-
साफ बताएं कि:
-
कौन-सी सूचना नहीं दी गई
-
क्यों यह RTI Act का उल्लंघन है
-
👉 जितनी स्पष्ट अपील, उतना मजबूत केस।
सूचना आयोग में सुनवाई कैसे होती है?
-
आयोग आपको Notice of Hearing भेजता है
-
सुनवाई:
-
ऑनलाइन (Video Conference)
-
या ऑफलाइन (कभी-कभी) हो सकती है
-
सुनवाई में:
-
आप अपना पक्ष रखते हैं
-
संबंधित विभाग से जवाब लिया जाता है
Second Appeal के बाद क्या निर्णय हो सकता है?
सूचना आयोग:
-
पूरी जानकारी देने का आदेश दे सकता है
-
PIO पर जुर्माना लगा सकता है
-
विभाग को चेतावनी दे सकता है
-
या शिकायत खारिज भी कर सकता है
➡️ कई मामलों में Second Appeal से पूरी और सही सूचना मिल जाती है।
Second Appeal और Complaint में अंतर
-
Second Appeal: First Appeal के बाद
-
Complaint: सीधे गंभीर मामलों में (जैसे RTI लेने से इनकार)
दोनों की प्रक्रिया अलग होती है।
Second Appeal क्यों जरूरी है?
Second Appeal:
-
RTI कानून को प्रभावी बनाती है
-
अधिकारियों की मनमानी रोकती है
-
नागरिकों को अंतिम न्याय दिलाती है
निष्कर्ष (Conclusion)
RTI Second Appeal आम नागरिक का सबसे मजबूत अधिकार है।
अगर First Appeal से भी समाधान न मिले, तो हार मानने की जरूरत नहीं।
सही समय, सही दस्तावेज और सही भाषा के साथ की गई Second Appeal से:
👉 न्याय मिलने की संभावना बहुत अधिक होती है।
📌 Related Posts:
(हम सरकारी भर्ती, शिक्षा नीतियों और केंद्र/राज्य सरकार की योजनाओं से संबंधित सटीक और शोध आधारित जानकारी प्रदान करते हैं।)
