EPFO Latest Update 2025: Aadhaar–UAN लिंकिंग पर 1 दिसंबर का नया सर्कुलर जारी, कोई एक्सटेंशन नहीं मिलेगा
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| EPFO 1 दिसंबर 2025 के नए सर्कुलर में Aadhaar–UAN लिंकिंग को अनिवार्य किया गया है; अब कोई एक्सटेंशन नहीं मिलेगा। |
कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए EPFO की ओर से बड़ा अपडेट आया है। Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने 1 दिसंबर 2025 को जारी किए गए नए सर्कुलर में स्पष्ट कर दिया है कि Aadhaar–UAN लिंकिंग की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 ही मानी जाएगी। EPFO ने यह भी साफ किया है कि अब इस समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
विभाग का कहना है कि पिछले चार वर्षों में कर्मचारियों और नियोक्ताओं को Aadhaar–UAN linking के लिए अनेक अवसर और एक्सटेंशन दिए गए, इसलिए अब यह प्रक्रिया पूरी तरह अनिवार्य हो चुकी है।
⭐ Aadhaar–UAN लिंकिंग क्यों जरूरी है?
EPFO के अनुसार, Aadhaar–UAN लिंकिंग PF सिस्टम को पारदर्शी और सुरक्षित बनाती है। नए नियमों के तहत:
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ECR (Electronic Challan-cum-Return) तभी जमा किया जा सकेगा,
जब कर्मचारी का Aadhaar उसके UAN से सफलतापूर्वक seeded और verified हो। -
Aadhaar लिंक न होने पर PF contribution अपडेट नहीं होगा।
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PF Withdrawal, PF Transfer, PF Advance जैसे क्लेम भी अटक सकते हैं।
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Aadhaar आधारित सत्यापन से PF खातों में डुप्लिकेट/फर्जी खातों पर रोक लगती है।
⭐ EPFO ने एक्सटेंशन क्यों रोका? (1 दिसंबर 2025 के सर्कुलर के अनुसार)
1 दिसंबर को जारी किए गए सर्कुलर में EPFO ने कहा कि:
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Aadhaar–UAN लिंकिंग की अंतिम तिथि कई बार बढ़ाई गई थी
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अब केवल बहुत कम मामले बचे हैं जिनमें linking बाकी है
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नियोक्ता और कर्मचारी — दोनों को पर्याप्त समय मिल चुका है
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सिस्टम अब पूरी तरह स्थिर है, इसलिए अतिरिक्त छूट की जरूरत नहीं
यानी 31 अक्टूबर 2025 के बाद कोई नई deadline नहीं मिलेगी।
⭐ पहले प्रक्रिया कैसे आसान बनाई गई थी?
2025 में EPFO ने Aadhaar–UAN लिंकिंग की प्रक्रिया को आसान बनाया था:
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यदि UAN और Aadhaar में नाम, जन्मतिथि और लिंग बिल्कुल सही और मेल खाते हैं,
तो लिंकिंग बिना किसी अतिरिक्त मंजूरी (approval) के पूर्ण हो जाती है। -
पहले इस प्रक्रिया में PF ऑफिस में दस्तावेज जमा करने जैसी जटिलताएँ थीं,
जिन्हें EPFO ने कम कर दिया था।
लेकिन अब यह छूट समाप्त हो चुकी है और लिंकिंग बिना अपवाद अनिवार्य है।
⭐ Aadhaar–UAN लिंक न होने पर क्या समस्याएँ होंगी?
यदि कोई कर्मचारी Aadhaar-UAN linking पूरी नहीं करता, तो उसे ये दिक्कतें आ सकती हैं:
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PF का मासिक योगदान रुक सकता है
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ECR फाइलिंग में employer को error आएगा
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PF withdrawal या transfer request pending में जा सकती है
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EPFO पोर्टल पर KYC संबंधी सेवाएँ सीमित हो सकती हैं
यानी PF से जुड़ी सभी सेवाएँ प्रभावित होंगी।
⭐ कर्मचारी और नियोक्ता क्या करें? (Step-by-Step Guide)
✔ कर्मचारियों के लिए
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EPFO/UAN पोर्टल पर लॉग इन करें
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“KYC” सेक्शन में Aadhaar Status देखें
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यदि status Not Verified दिखे, तो employer से approval करवाएँ
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Aadhaar में नाम/जन्मतिथि mismatch हो तो पहले उसे ठीक करवाएँ
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PF passbook में contribution अपडेट देखकर पुष्टि करें
✔ नियोक्ताओं के लिए
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हर कर्मचारी की Aadhaar–UAN linking स्थिति जांचें
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लंबित KYC approvals तुरंत निपटाएँ
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कर्मचारियों को Aadhaar correction में सहायता दें
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ECR फाइलिंग से पहले KYC mismatch को ठीक करें
⭐ निष्कर्ष
EPFO का 1 दिसंबर 2025 का सर्कुलर साफ संकेत देता है कि Aadhaar–UAN लिंकिंग अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरी तरह अनिवार्य नियम है।
जो कर्मचारी या नियोक्ता अभी तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाए हैं, उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
EPFO के इस निर्णय से PF सिस्टम में पारदर्शिता, सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
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