AYUSH Ministry ने इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाया: अब मिलेंगे ₹17,000 प्रति माह

AYUSH Ministry increases internship stipend to ₹17,000; Indian female medical intern writing notes in hospital corridor.
AYUSH मंत्रालय ने इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹17,000 किया।

 नई दिल्ली: केंद्र सरकार के AYUSH मंत्रालय ने इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके मासिक स्टाइपेंड में बड़ी बढ़ोतरी की है। मंत्रालय ने इंटर्न डॉक्टरों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड में ₹8,000 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद अब उन्हें ₹17,000 प्रति माह मिलेंगे। इस कदम का उद्देश्य इंटर्न डॉक्टरों को बेहतर आर्थिक सहयोग देना और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उनकी भूमिका को मज़बूत बनाना है।


🔍 स्टाइपेंड में क्या बदलाव हुआ?

पहले AYUSH इंटर्न्स को लगभग ₹9,000–₹10,000 प्रति माह तक स्टाइपेंड मिलता था। बढ़ी हुई राशि के बाद अब सभी इंटर्न डॉक्टरों को ₹17,000 महीना दिया जाएगा।
यह स्टाइपेंड निम्न सिस्टम्स में इंटर्नशिप कर रहे छात्रों पर लागू होगा:

  • आयुर्वेद

  • होम्योपैथी

  • सिद्ध

  • यूनानी

  • नेचुरोपैथी एवं योग विज्ञान


🏥 यह फैसला क्यों लिया गया?

AYUSH मंत्रालय के अनुसार, इंटर्न डॉक्टरों की जिम्मेदारियाँ पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ी हैं। इंटर्नशिप के दौरान उन्हें अस्पतालों में नियमित ड्यूटी, मरीजों की देखभाल, क्लीनिकल असाइनमेंट और आपातकालीन सेवाओं में योगदान देना पड़ता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए—

  • इंटर्न्स को आर्थिक रूप से सशक्त करने

  • महंगाई और बढ़ते खर्च को देखते हुए

  • मेडिकल सेक्टर में बेहतर प्रतिभाओं को आकर्षित करने

की दिशा में यह बढ़ोतरी की गई है।


🕒 कब से लागू होगा?

मंत्रालय जल्द ही इस बढ़ोतरी से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा।
उम्मीद है कि नया स्टाइपेंड अगले इंटर्नशिप सत्र से लागू किया जाएगा।


👨‍⚕️ कितने छात्रों को मिलेगा फायदा?

देशभर के सरकारी और निजी AYUSH संस्थानों में हर साल हज़ारों छात्र इंटर्नशिप करते हैं।
स्टाइपेंड बढ़ने से:

  • उनके रहने-खाने के खर्च

  • क्लीनिकल पोस्टिंग

  • परिवहन

  • शैक्षिक सामग्री

जेसे ज़रूरी खर्चों को पूरा करना आसान होगा।


🗣️ छात्रों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

कई छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ोतरी को “बेहद आवश्यक और समयानुकूल” बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम AYUSH सेक्टर में युवाओं की रुचि बढ़ाएगा और स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी भूमिका और मजबूत होगी।


📌 निष्कर्ष

स्टाइपेंड बढ़ाने का यह निर्णय न केवल इंटर्न डॉक्टरों के आर्थिक बोझ को कम करेगा, बल्कि देश में वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों के विस्तार और पेशेवर विकास को भी प्रोत्साहित करेगा।
AYUSH मंत्रालय का यह कदम आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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— Hansitimes News Desk
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