VIT Bhopal में बवाल: 4000 छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कैंपस 30 नवंबर तक बंद
VIT Bhopal में हिंसक प्रदर्शन: कैंपस में बीमारी फैलने के बाद छात्रों का फूटा गुस्सा, 30 नवंबर तक विश्वविद्यालय बंद
भोपाल/सीहोर, 26 नवंबर: VIT Bhopal University (सीहोर) में रविवार देर रात छात्रों का विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। कैंपस में कथित रूप से जॉन्डिस (पीलिया) फैलने, गंदे भोजन-पानी और स्वच्छता संबंधी समस्याओं को लेकर छात्रों ने भारी संख्या में विरोध किया। देखते-ही-देखते 4000 से अधिक छात्र जमा हो गए और स्थिति बेकाबू हो गई।
🔹 क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ दिनों से कई छात्रों में उल्टी, बुखार और जॉन्डिस जैसे लक्षण देखने की शिकायतें सामने आ रही थीं। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में पानी की क्वालिटी खराब है और मेस में परोसा जाने वाला खाना भी अस्वच्छ है।
इन हालातों से नाराज़ छात्रों ने रविवार रात कैंपस में प्रदर्शन शुरू किया, जो कुछ ही घंटों में उग्र हो गया।
🔹 हिंसा कैसे भड़की?
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार:
- कई वाहनों — बस, कार, बाइक — को आग के हवाले कर दिया गया
- चांसलर/VC निवास परिसर में तोड़फोड़
- प्रशासनिक कार्यालयों को नुकसान
- पुलिस और सुरक्षा टीमों को हालात कंट्रोल करने में कई घंटे लगे
🔹 कितने छात्र बीमार? कॉलेज ने क्या कहा?
कॉलेज प्रशासन ने इस बात से इनकार किया है कि किसी छात्र की मौत हुई है।
रेजिस्ट्रार के अनुसार:
" मृत छात्रों की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। जो छात्र बीमार थे, उनका इलाज चल रहा है और हालत स्थिर है।"
हालांकि प्रशासन ने ये माना कि कई छात्र बीमार हुए हैं और मेडिकल टीमों को कैंपस में तैनात किया गया है।
🔹 कैंपस 30 नवंबर तक बंद
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने तत्काल प्रभाव से:
- 30 नवंबर तक कैंपस बंद कर दिया
- छात्रों को हॉस्टल खाली कर घर जाने की सलाह दी
- ऑनलाइन मोड में क्लासेस का विकल्प तैयार किया जा रहा है
🔹 जांच समिति गठित
मामला गंभीर होने पर MP Private University Regulatory Commission ने:
- 3-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया
- पूरे मामले की 7 दिनों में रिपोर्ट मांगी
- कैंपस में स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता और मेस सुविधाओं का आकलन करने के निर्देश दिए
🔹 छात्र क्या मांग रहे हैं?
- खाने-पीने की गुणवत्ता में सुधार
- हॉस्टल-मेस हाइजीन की नियमित जांच
- मेडिकल यूनिट की मजबूती
- फीस व सुविधाओं को लेकर पारदर्शिता
- बीमार छात्रों के इलाज का पूरा खर्च विश्वविद्यालय उठाए
🔹 प्रशासन की सफाई
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि:
- कुछ छात्रों ने अफवाहें फैलाईं
- बाहरी तत्वों ने भीड़ को भड़काया
- सभी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा
🔹 सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
रातभर सोशल मीडिया पर जलती बसों, भगदड़ और नारेबाज़ी के वीडियो छाए रहे, जिन्हें लाखों व्यूज़ मिल चुके हैं। कई पूर्व छात्र और अभिभावकों ने भी स्थिति पर चिंता जताई है।
