खेतड़ी–बांसियाल अभयारण्य में हाइना की मौत, 11 महीनों में चौथा मामला दर्ज
झुंझुनूं: खेतड़ी-बांसियाल अभयारण्य में हाइना की मौत — 11 महीनों में चौथा मामला दर्ज
झुंझुनूं/खेतड़ी: राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी-बांसियाल वन्य अभयारण्य में एक हाइना (Hyena) मृत पाया गया है। वन विभाग के अनुसार यह इस क्षेत्र में पिछले लगभग 11 महीनों में हाइना की मौत का चौथा मामला है।
🔹 क्या है घटना
- स्थानीय लोगों और वन विभाग को सूचना मिली कि अभयारण्य के समीप एक घायल हाइना सड़क किनारे पड़ा हुआ है।
- टीम ने मौके पर जाकर घायल हाइना को पकड़ा, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
- वन विभाग की पुष्टि के बाद मृत हाइना का पोस्ट-मार्टम किया गया और शव का सुरक्षित रूप से अंतिम संस्कार किया गया।
🔹 पहले 3 मामले — पूरी सूची
पिछले 11 महीनों में खेतड़ी-बांसियाल क्षेत्र में हाइना की मृत्यु के अन्य तीन मामले निम्नलिखित थे:
| तिथि / स्थान | घटनाक्रम / विवरण |
|---|---|
| 5 अगस्त 2025 — टीला वाली गांव | वाहन की टक्कर में हाइना की मौत हुई थी। |
| 23 नवंबर 2025 — रामकुमारपुरा के पास | अज्ञात वाहन की टक्कर से एक हाइना मारा गया था। |
| 10 जुलाई 2025 — बंधा ढाणी के पास | एक हाइना मृत पाया गया था; घटना की जांच हुई थी। |
(नोट: इन घटनाओं का विवरण स्थानीय रिपोर्टों व वन विभाग की जानकारी के माध्यम से दर्ज है।)
🔹 कारण व चिंताएँ
वन क्षेत्र और सड़क के बीच पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण, जंगली जानवर — विशेष रूप से रात में — अक्सर सड़कों की ओर निकल आते हैं।
हालिया मौत की घटना इस बात को उजागर करती है कि:
- अभयारण्य की किनारे बनी सुरक्षा संरचनाएँ पर्याप्त नहीं हैं।
- सड़क किनारे वाहनों की रफ्तार और अज्ञानता से जंगली जानवरों की जान को खतरा है।
- लगातार मौतें यह संकेत देती हैं कि क्षेत्र में जंगली जीवन व सड़क सुरक्षा के बीच तालमेल स्थापित नहीं हो पाया।
🔹 वन विभाग की कार्रवाई
वन विभाग ने मृत हाइना का पोस्ट-मार्टम करवाकर घटना दर्ज की है। विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है और स्थानीय प्रशासन को अभयारण्य की boundary व सुरक्षा संरचनाओं को मजबूत करने की सलाह दी है।
🔹 स्थानीय लोगों की चिंता और सुझाव
गाँववासी व आसपास के लोग मांग कर रहे हैं कि:
- सड़क किनारे warning boards व speed limit लागू हो।
- अभयारण्य की boundary wall को मजबूत व उँचा बनाया जाए।
- रात के समय animal-crossing zone घोषित किया जाए।
- वन्यजीवों की सुरक्षा व ग्रामीणों की सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए preventive measures लिए जाएँ।
🔹 क्यों है यह घटना महत्वपूर्ण?
- यह लगातार चौथा मामला है — जिससे पता चलता है कि यह सिंगल इन्सिडेंट नहीं, बल्कि एक पैटर्न है।
- अगर समय पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो यह क्षेत्र जंगली जीवन के लिए जोखिम में रहेगा।
- पर्यावरण संतुलन और जीव संरक्षण के लिए यह घटना एक चेतावनी है।
